शहर में सेंट्रल रेलवे स्कूल में एडमिशन कराने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वार्ड नंबर 31 की पार्षद आशा प्रसाद के पति तपन प्रसाद ने स्कूल में एडमिशन कराने के नाम पर कई लोगों से मोटी रकम ठगी है, लेकिन एडमिशन नहीं कराया।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित ने इंटरव्यू में बताया कि तपन प्रसाद वार्ड नंबर 31 से टीएमसी पार्षद आशा प्रसाद के पति हैं। आरोपी तपन प्रसाद, जब उसने अपने भतीजे के एडमिशन के बारे में बात की, तो तपन प्रसाद ने खुद की पहुंच और ‘चैनल’ होने का दावा करते हुए कहा कि वह सेंट्रल रेलवे स्कूल में आसानी से एडमिशन करवा देगा।
कई लोगों से ऐंठे पैसे:
आरोप है कि तपन प्रसाद ने रेलवे स्कूल में एडमिशन के नाम पर प्रति छात्र 10,000 रुपये वसूले। पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपी ने सिर्फ उसके भतीजे और पांचवीं कक्षा के एडमिशन के नाम पर ही नहीं, बल्कि अन्य 4-5 लोगों से भी पैसे लिए हैं। पैसे लेने के बावजूद न तो बच्चों का एडमिशन कराया गया और न ही पैसे वापस किए जा रहे हैं।
पार्षद की हनक का इस्तेमाल:
पीड़ित के मुताबिक, तपन प्रसाद खुद को पार्षद पति बताकर लोगों पर धौंस जमाता था और यह भरोसा दिलाता था कि उसका ऊपर तक संपर्क है, जिससे उसका काम आसानी से हो जाता है। लेकिन अब ठगी का खुलासा होने के बाद पीड़ितों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और पैसे वापस दिलाने की मांग की है।








