आसनसोल/विशेष संवाददाता: आसनसोल नगर निगम (Asansol Municipal Corporation) क्षेत्र के अंतर्गत लछिपुर (इता पाड़ा) इलाके में नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। तमाम चेतावनियों, शिकायतों और रोक के आदेशों के बावजूद यह अवैध इमारत धड़ल्ले से बनाई जा रही है। क्या आसनसोल नगर निगम के अधिकारियों ने साठगांठ कर ‘गांधी का चश्मा’ पहन लिया है? शिकायतकर्ता सुशांत कुमार द्वारा आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर को दिए गए आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, इस अवैध निर्माण को लेकर पहली शिकायत 8 जून 2026 को दर्ज कराई गई थी। निगम की जांच में निर्माण पूरी तरह अवैध पाया गया था, जिसके बाद 25 जून 2026 को विधिवत ‘स्टॉप कंस्ट्रक्शन’ (निर्माण रोकने का) आदेश पारित किया गया था। सवाल यह उठता है कि निगम का स्पष्ट आदेश होने के बावजूद, स्थानीय स्तर पर संजना राय द्वारा इस इमारत का निर्माण कार्य अंतिम चरण तक कैसे पहुंच गया? क्या नगर निगम के जिम्मेदार स्थानीय अधिकारियों ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली है या मिलीभगत के चलते वे सब कुछ नजरअंदाज कर रहे हैं? कमिश्नर को सौंपा गया नया ज्ञापन, अवैध इमारत ढहाने की पुरजोर मांग मामला केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसलिए आज (25 अगस्त 2026) कमिश्नर के कार्यालय में फिर से एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि: पारित आदेश के बावजूद अवैध निर्माण जारी रखने वाली संजना राय पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। इस अवैध इमारत को जल्द से जल्द गिराया (डिमोलिश) जाए। निगम के उन लापरवाह या संलिप्त अधिकारियों की भूमिका की जांच हो, जिनकी अनदेखी के कारण यह अवैध ढांचा खड़ा हो गया। अब देखना यह होगा कि कमिश्नर के संज्ञान में यह गंभीर मामला आने के बाद आसनसोल नगर निगम प्रशासन इस अवैध निर्माण पर क्या ठोस कदम उठाता है








