धेमोमेन कोलियरी दुर्गा पूजा में अवैध वसूली का बड़ा खेल! ₹70 की पार्किंग पर्ची से गरमाई कुल्टी की राजनीति

अजय पोद्दार की आड़ में चल रहा वसूली का ‘सिंडिकेट’? विधायक अग्निमित्रा पॉल की नजरों से क्यों दूर है यह खेल!

कुल्टी / आसनसोल: दुर्गापूजा के पावन अवसर पर जहाँ श्रद्धालु माँ दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं, वहीं कुल्टी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत धेमोमेन कोलियरी दुर्गा पूजा 2026 (Dhemomain Colliery Durgapuja 2026) के नाम पर पार्किंग के अवैध और मनमाने रेट वसूली का एक बड़ा मामला सामने आया है। श्रद्धालुओं से प्रति गाड़ी ₹70 की पार्किंग फीस वसूली जा रही है। इस पर्ची के सामने आते ही पूरे कुल्टी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया है।

पर्ची का सच: 12 घंटे के लिए ₹70, 24 घंटे पर डबल चार्ज!

तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि पर्ची पर “Welcome To Dhemomain Colliery Durgapuja 2026” लिखा हुआ है और रेट की जगह ₹70/- अंकित है। इसके साथ ही शर्त लागू की गई है कि यह राशि केवल 12 घंटे के लिए मान्य है और 24 घंटे होने पर दोगुना चार्ज वसूला जाएगा।

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या किसी भी पूजा पंडाल या कोलियरी क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग के लिए इतना भारी-भरकम शुल्क वसूलने की कोई आधिकारिक अनुमति प्रशासन द्वारा दी गई है? या फिर यह सीधे तौर पर आम जनता और श्रद्धालुओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है?

मुख्य सवाल जो खड़े हो रहे हैं:

अजय पोद्दार की आड़ में किसका खेल?

क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, अजय पोद्दार के नाम की आड़ लेकर पार्किंग वसूली का यह बड़ा सिंडिकेट चलाया जा रहा है। आखिर इस वसूली का असली मास्टरमाइंड कौन है?

कट मनी किसकी जेब में?

प्रत्येक गाड़ी से वसूले जा रहे इन ₹70 में से ‘कट मनी’ का हिस्सा आखिर किसकी जेब में जा रहा है? पूजा समिति के नाम पर यह मोटी रकम कौन डकार रहा है?

विधायक अग्निमित्रा पॉल मौन क्यों?

कुल्टी विधानसभा क्षेत्र की विधायक अग्निमित्रा पॉल और स्थानीय नेतृत्व की नजरों से यह ₹70 का चलन आखिर क्यों बचा हुआ है? क्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आम जनता से हो रही इस दिन-दहाड़े लूट की भनक नहीं है, या देखकर भी अनजान बना जा रहा है?

सामान गायब हुआ तो जिम्मेदारी किसकी नहीं?

पर्ची पर नीचे मोटे अक्षरों में साफ लिखा है— “सामान/वस्तुओं के क्षतिग्रस्त होने या गायब होने की जिम्मेदारी नहीं होगी”। जब सुरक्षा और जिम्मेदारी की कोई गारंटी ही नहीं है, तो फिर ₹70 की मोटी रकम किस बात की ली जा रही है?

क्या भारतीय जनता पार्टी और स्थानीय प्रशासन करेगा कार्रवाई?

क्षेत्र में हुकूमत और राजनीति का दावा करने वाली पार्टियाँ क्या इस अवैध वसूली पर रोक लगा पाएँगी? क्या कुल्टी पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस फर्जी/अवैध पर्ची के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा या श्रद्धालुओं को इसी तरह लूटा जाता रहेगा?

अब देखना यह होगा कि खबर उजागर होने के बाद विधायक अग्निमित्रा पॉल और प्रशासन इस वसूली सिंडिकेट पर क्या रुख अपनाते हैं और इस ₹70 के खेल पर कब ताला लगता है।

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