आसनसोल:पश्चिम बंगाल के आसनसोल रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का एक हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी दस्तावेजों और नियमों को ताक पर रखकर एक ऐसा खेल चल रहा है, जो शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि जो डेनियल अख्तर (नियामतपुर का निवासी) कभी, वह आज कथित तौर पर रजिस्ट्री ऑफिस में करोड़ों की जमीनों का ‘डीड राइटर’ (दस्तावेज लेखक) बन बैठा है।
मुख्य बिंदु:
जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए, उसी परिवेश से निकलकर इस शख्स का रजिस्ट्री कार्यालय जैसे संवेदनशील सरकारी संस्थान में डीड राइटर के रूप में सक्रिय होना कई बड़े सवाल खड़े करता है।
करोड़ों की जमीन की हेराफेरी: यह बच्चा या यूं कहें कि इस नाम की आड़ में चल रहा सिंडिकेट करोड़ों रुपये की जमीनों की रजिस्ट्री के कागजात तैयार कर रहा है। सरकारी महकमे की नाक के नीचे इस तरह के फर्जीवाड़े का होना महकमे की कार्यशैली पर बड़ा तमाचा है।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल: आखिर किसकी शह पर सरकारी कागजों के साथ यह खिलवाड़ हो रहा है? क्या रजिस्ट्री ऑफिस के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव है?
तहकीकात की सख्त जरूरत
इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और गहन तहकीकात होना बेहद जरूरी है। यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध भूमि खरीद-फरोख्त को अंजाम दे रहा है। सरकार और प्रशासन को इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सरकारी महकमे की साख बचाई जा सके।








