आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामबंधु और आराडंगाल इलाके में नाथ बाबा के समीप बनी एक बहुमंजिला इमारत इन दिनों शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। रेलवे ट्रैक से बिल्कुल सटी इस अवैध इमारत को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर सरेआम इस अवैध ढांचे को खड़ा किया गया, लेकिन प्रशासनिक अमला इस पर पूरी तरह से आंखें मूरे बैठा है।
क्या है इमारत के अंदर का ‘खेल‘?
इलाके के लोगों का कहना है कि इस इमारत के अंदर और इसके भूतल पर अक्सर ऐसी गतिविधियां होती हैं जो कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। कुछ दिन पहले जब इस स्थान पर पुलिस की रेड (छापेमारी) हुई, तो इस बात पर मुहर लग गई कि यहाँ कुछ तो पक रहा है। इसके बावजूद, आज भी इस इमारत के भीतर संदिग्ध गतिविधियों का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा या सनसनीखेज खुलासा सामने आ सकता है।

प्रशासनिक सुस्ती और राजनीतिक संरक्षण?
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आसनसोल नगर निगम की मुख्य इमारत से चंद कदमों की दूरी पर चल रहे इस अवैध निर्माण पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाया जा रहा? स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि निगम अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बावजूद इस पर कार्रवाई न होना राजनीतिक दबाव का नतीजा है। टीएमसी के बड़े दिग्गज नेताओं और विनय साहू के नाम के साथ इस इमारत का कनेक्शन होने की चर्चाएँ जोर पकड़ रही हैं।
आखिर किसके मजबूत कंधों और भरोसे के सहारे यह अवैध इमारत खड़ी है और पुलिस-प्रशासन इस पर ठोस कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है? यह एक ऐसा पहेली बन चुका है जिसका जवाब हर आसनसोल वासी जानना चाहता है।
विशेष टिप्पणी: स्थानीय लोग और प्रबुद्ध नागरिक अब इस मामले में उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच और इस अवैध ढांचे पर तुरंत बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे हैं, ताकि शहर में कानून का राज कायम रह सके।








